मुरादाबाद कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद शुल्क नियामक समिति की बैठक अपर जिलाधिकारी (नगर) अंकुर श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद के विभिन्न विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की सुरक्षा, शुल्क संबंधी प्रावधानों तथा शिक्षा का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अपर जिलाधिकारी (नगर) ने सभी विद्यालय प्रबंधकों को निर्देशित किया कि विद्यालय परिसरों में विद्युत सुरक्षा एवं फायर सेफ्टी के सभी मानकों का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक विद्यालय का समयबद्ध फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए तथा कक्षाओं में विद्यार्थियों के सुरक्षित प्रवेश एवं निकास की समुचित व्यवस्था रहे। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विद्यालयों में प्रत्येक माह कम से कम एक बार मॉक ड्रिल का आयोजन अनिवार्य रूप से कराया जाए, जिससे विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आपदा के समय सुरक्षित बचाव की जानकारी प्राप्त हो सके।
उन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निर्धारित सभी प्रावधानों का गंभीरतापूर्वक पालन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि विद्यालयों में केवल योग्य एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप शिक्षकों की ही नियुक्ति की जाए, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
बैठक में कक्षा 9 से 12 तक सभी विषयों में एनसीईआरटी की पुस्तकों के अनिवार्य उपयोग पर विशेष बल दिया गया। निर्देश दिए गए कि पूरक (सप्लीमेंट्री) पुस्तकें केवल उन्हीं विषयों में लगाई जाएं जिनकी पुस्तकें एनसीईआरटी द्वारा प्रकाशित नहीं की जाती हैं। साथ ही कक्षा 1 से 5 तक निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों के बढ़ते उपयोग पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों एवं अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। विद्यालय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि केवल आवश्यक एवं निर्धारित पुस्तकों का ही उपयोग कराया जाए।
अपर जिलाधिकारी (नगर) ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है। विद्यालयों को निर्धारित मानकों का पालन करते हुए शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित एवं अभिभावक हितैषी बनाना होगा।
बैठक में समिति के सदस्यगण, शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा संबंधित विद्यालयों के प्रबंधक/प्रधानाचार्य आदि उपस्थित रहे।



