केंद्रीय राज्य मंत्री, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार भगीरथ चौधरी ने मुरादाबाद शहर स्थित पंचायत भवन परिसर में 16 जून से 20 जून 2026 तक आयोजित जन कल्याण एवं स्वास्थ्य शिविर का फीता काटकर विधिवत शुभारंभ किया।इस अवसर पर उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पशुपालन, नेडा, आईसीडीएस, महिला कल्याण, एमएसएमई, खादी एवं ग्रामोद्योग, उद्यान, प्रधानमंत्री आवास योजना, अन्न, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया तथा विभागीय अधिकारियों से संचालित योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।इसके उपरांत केंद्रीय राज्य मंत्री ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित चार दिवसीय विकास प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया तथा प्रदर्शनी का भ्रमण किया। उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं, उपलब्धियों एवं महत्वपूर्ण निर्णयों पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आमजन को सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।जनसभा को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर एवं विकसित राष्ट्र बनाने के लिए स्वदेशी उत्पादों एवं देश में निर्मित वस्तुओं को अधिक से अधिक बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और किसानों की समृद्धि के बिना विकसित भारत का लक्ष्य पूर्ण नहीं किया जा सकता। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है तथा विकसित भारत का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है।उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों के उपयोग एवं प्रचार-प्रसार से न केवल लघु एवं स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। किसानों का आह्वान करते हुए उन्होंने खेती में आधुनिक तकनीकों को अपनाने तथा मृदा, किसान एवं धरती के संरक्षण को प्राथमिकता देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों की प्रतिभा और आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से कृषि क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन लाए जा रहे हैं।केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि बदलती जीवनशैली एवं खान-पान की आदतों के कारण स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां बढ़ रही हैं। ऐसे में स्वदेशी एवं प्राकृतिक उत्पादों को अपनाने की आवश्यकता है। साथ ही पेट्रोल एवं डीजल जैसे सीमित प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि देशभर में “खेत बचाओ अभियान” संचालित किया जा रहा है। यदि खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होगी तो मानव स्वास्थ्य पर भी उसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए किसानों को नियमित रूप से मिट्टी की जांच करानी चाहिए तथा भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्राथमिकता देनी चाहिए।उन्होंने केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, उपलब्धियों एवं किसान हितैषी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि आज विश्व स्तर पर भारत का सम्मान बढ़ा है और देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने सभी नागरिकों से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण, स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय राज्य मंत्री ने पंचायत भवन सभागार में आयोजित जनसभा के दौरान विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किया।इस अवसर पर महापौर विनोद अग्रवाल, विधायक कुंदरकी ठाकुर रामवीर सिंह, जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया, मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी, भाजपा जिलाध्यक्ष आकाश पाल, महानगर अध्यक्ष गिरीश भंडूला सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।





