मुरादाबाद। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय परिसर में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण जागरूकता को समर्पित विविध कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक गरिमामय तिरंगा यात्रा से हुआ, जिसका नेतृत्व कुलपति प्रो. (डॉ.) सचिन माहेश्वरी, कुलसचिव डॉ. गिरीश द्विवेदी एवं पर्यावरण नोडल अधिकारी डॉ. अनामिका त्रिपाठी ने किया। यात्रा में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।सस्टेनेबल डेवलपमेंट और पर्यावरण पर नुक्कड़ नाटकतिरंगा यात्रा के उपरांत विद्यार्थियों द्वारा सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के विषय पर एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इस नाटक के माध्यम से विकास और पर्यावरण के मध्य संतुलन बनाए रखने तथा दैनिक जीवन में इको-फ्रेंडली विकल्पों को अपनाने का संदेश दिया गया। इस प्रस्तुति में विद्यार्थी अरमान खान, छवि द्विवेदी, निपेन्द्र, नीलम, दीक्षा शर्मा, कनिका कुमारी एवं प्रियंका ने अपनी प्रभावी भूमिका से सभी को जागरूक किया।एनएसपीसी अभियान, ‘इको मित्रम’ ऐप एवं सीड बॉम्ब की जानकारीकार्यक्रम के अगले चरण में पर्यावरण नोडल अधिकारी डॉ. अनामिका त्रिपाठी ने राष्ट्रीय हरित कोर / पर्यावरण जागरूकता (एनएसपीसी) कार्यक्रम के विस्तृत उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को ‘इको मित्रम’ ऐप की उपयोगिता समझाते हुए 15 सितंबर 2026 की अंतिम तिथि से पूर्व अनिवार्य पंजीकरण करने के निर्देश दिए। डॉ. त्रिपाठी ने हरित आवरण बढ़ाने की दिशा में ‘सीड बॉम्ब’ तकनीक के प्रयोग और बंजर स्थानों पर इसके माध्यम से पौधारोपण के व्यावहारिक तरीकों से भी छात्रों को अवगत कराया।स्लोगन व स्किट के जरिए नशा मुक्ति का संदेशविश्वविद्यालय द्वारा सामाजिक सुधार के तहत नशा मुक्ति जागरूकता अभियान भी संचालित किया गया। विद्यार्थियों ने ओजस्वी स्लोगन्स (नारेबाज़ी) और सामाजिक स्किट के माध्यम से नशे के गंभीर दुष्प्रभावों को रेखांकित किया तथा युवा पीढ़ी को स्वस्थ, जागरूक और व्यसन-मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।प्रशासनिक संदेश एवं गरिमामय उपस्थितिकुलपति प्रो. (डॉ.) सचिन माहेश्वरी ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रप्रेम, पर्यावरण सुरक्षा और नशा मुक्त समाज का निर्माण ही किसी भी शैक्षणिक संस्थान का मूल उद्देश्य होना चाहिए। कुलसचिव डॉ. गिरीश द्विवेदी ने डिजिटल व व्यावहारिक माध्यमों से पर्यावरण से जुड़ने की इस पहल की प्रशंसा की।इस अवसर पर संकाय सदस्य डॉ. अदीबा खान, डॉ. सचिन शर्मा, डॉ. यशी (भूगोल विभाग) सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


