मुरादाबाद जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने नवीन मंडी मझोला में संचालित गेहूं क्रय केंद्र का निरीक्षण किया।इस दौरान उन्होंने गेहूं खरीद के लिए केंद्र पर जरूरी संसाधनों की उपलब्धता और अब तक कुल खरीद के बारे में जिलाधिकारी ने केंद्र प्रभारी से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और कहा कि रविवार को भी क्रय केंद्रों का संचालन किया जा रहा है इस संबंध में किसानों को जानकारी दी जाए ताकि वे रविवार को भी क्रय केंद्र पर अपना गेहूं लेकर आएं।उन्होंने कहा कि गेहूं खरीद के उपरांत 24 घंटे के भीतर एमएसपी का भुगतान हो जाना चाहिए। क्रय केंद्र पर प्लास्टिक की बोतलें देखकर जिलाधिकारी ने तत्काल प्लास्टिक बोतलें हटवाईं और कहा कि प्लास्टिक की बोतलों का प्रयोग करने से बचें और इसके दुष्प्रभावों के बारे में लोगों को भी बताया जाए।इसके बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला खाद्य विपणन अधिकारी, एफसीआई के अधिकारियों एवं क्रय एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ गेहूँ क्रय की प्रगति को लेकर समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गेहूँ खरीद एवं डिपो तक गेहूं पहुंचने के कार्य में तेजी लाने के लिए जनपद के समस्त एफसीआई डिपो पर यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी वाहन 02 घंटे से अधिक समय तक कतार में खड़ा न रहे तथा वाहनों से गेहूँ तत्काल उतारा जाए। वाहन से गेहूं उतारने पर तुरंत पावती दी जायेगी, जिसमें प्राप्त मात्रा, बोरे इत्यादि का विवरण हो, साथ ही यदि कोई कटौती जैसे नमी, बोरा, वजन इत्यादि प्रस्तावित है तो उसका भी उल्लेख होना चाहिए, किन्तु कोई भी कटौती क्रय एजेन्सी के प्रतिनिधि के संयुक्त हस्ताक्षर आख्या के बिना नहीं की जायेगी, यदि ऐसा किया जाता है तो उसका भार स्वयं एफसीआई मुरादाबाद को वहन करना होगा ।डिपो पर पर्याप्त संख्या में लेबर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे वाहन से गेहूं के उतारने के कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। किसी भी दशा में लेबर की कमी के कारण गेहूं को लोड करने और उतारने का कार्य प्रभावित न हो।गेहूं उतारने हेतु जो वाहन पहले डिपो पर पहुंचेगा, उसी वाहन का गेहूं पहले उतारा जाएगा। बीते वर्ष की तुलना में वर्तमान में गेहूं खरीद की प्रगति अपेक्षाकृत कम है इस संबंध में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रत्येक गेहूं क्रय केन्द्र पर प्रतिदिन न्यूनतम 300 कुंतल गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा किया जाए, इसके लिए केंद्र प्रभारी कृषकों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित कर अधिकाधिक गेहूं खरीद सुनिश्चित करें।उन्होंने कहा कि जनपद स्तर पर प्रतिदिन लगभग 10,000 मीट्रिक टन गेहूं खरीद प्रत्येक दशा में सुनिश्चित करें।एफसीआई द्वारा गेहूं में नमी के नाम पर बिना परीक्षण किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी। यदि किसी प्रकरण में नमी के आधार पर कटौती प्रस्तावित की जाती है तो संबंधित संस्था के प्रतिनिधि की उपस्थिति में संयुक्त गुणवत्ता परीक्षण कराया जाएगा तथा संयुक्त हस्ताक्षर युक्त परीक्षण आख्या तैयार कर संबंधित संस्था को उपलब्ध कराते हुए ही नियमानुसार कटौती की जाएगी। एफसीआई द्वारा एक पक्षीय रूप से कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।परिवहन ठेकेदारों द्वारा ट्रक को त्रिपाल से ढककर गेहूं को एफसीआई तक ले जाया जायेगा, उन्होंने कहा कि त्रिपाल की व्यवस्था सभी ठेकेदारों द्वारा रखी जायेगी।ठाकुरद्वारा एवं कांठ क्षेत्र स्थित गेहूं क्रय केन्द्रों से न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत क्रय किए गए गेहूँ का संप्रदान वर्तमान में मंडी मुरादाबाद स्थित एफएसडी एवं एसडब्ल्यूसी डिपो पर किया जा रहा है। यह दोनो डिपो नगर क्षेत्र में स्थित होने के कारण भारी वाहनों के आवागमन में कठिनाई एवं संप्रदान कार्य में विलंब की स्थिति उत्पन्न हो रही है। अतः गेहूँ संप्रदान कार्य को सुगम एवं त्वरित बनाए जाने हेतु ठाकुरद्वारा एवं कांठ क्षेत्र के समस्त गेहूँ क्रय केन्द्रों को तत्काल प्रभाव से एसडब्ल्यूसी डिपो से संबद्ध कराए जाने हेतु संबंधित अधिकारी आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें।





