उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शेफाली सिंह चौहान, एमएलसी डॉ जयपाल सिंह व्यस्त, विधायक मुरादाबाद शहर रितेश गुप्ता, मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह, नोडल अधिकारी अभिषेक प्रकाश, जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया।आयोजित कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि आज का दिन पूरे प्रदेश के लिए गौरव, संकल्प और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है।उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश में 275 करोड़ से अधिक वृक्षों का रोपण किया जा चुका है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार यह महाअभियान केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर जनभागीदारी के माध्यम से जनआंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर रहा है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रारंभ किए गए “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान ने वृक्षारोपण को भावनात्मक रूप से प्रत्येक नागरिक से जोड़ा है। प्रत्येक व्यक्ति पौधा लगाने के साथ उसकी देखभाल का भी संकल्प ले, ताकि भावी पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण मिल सके।जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. शैफाली सिंह चौहान ने कहा कि एक सामान्य व्यक्ति वर्षभर में लगभग 360 किलोग्राम ऑक्सीजन का उपयोग करता है, जबकि एक वृक्ष लगभग 120 किलोग्राम ऑक्सीजन का उत्पादन करता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से प्रतिवर्ष कम से कम पाँच पौधे लगाने और उनका संरक्षण करने का आह्वान किया।एमएलसी डॉ. जयपाल सिंह व्यस्त ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य की दृष्टि से वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक हो गया है। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से इस महाअभियान में सहभागी बनने की अपील की।विधायक मुरादाबाद नगर रितेश गुप्ता ने कहा कि “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान का वास्तविक उद्देश्य तभी सफल होगा, जब लगाए गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए।मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि पेड़ों और बागों की निरंतर कमी का प्रभाव जनजीवन एवं जैव विविधता पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने नदियों, तालाबों एवं जल स्रोतों के किनारे बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करने तथा किसानों को उपयोगी एवं लाभकारी प्रजातियों के वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित करने पर बल दिया। उन्होंने वन विभाग सहित संबंधित विभागों को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।सचिव सामान्य प्रशासन एवं नोडल अधिकारी अभिषेक प्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप प्रदेश में प्रतिवर्ष वृक्षारोपण को जनभागीदारी के साथ अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सतत जनसहभागिता का अभियान है और प्रत्येक नागरिक को पौधों की देखभाल का दायित्व भी निभाना चाहिए।जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने बताया कि वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत विश्व पर्यावरण दिवस (05 जून) पर जनपद में 04 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया गया तथा अभियान के अंतर्गत 24 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने हरि शंकरी (पीपल, पाकड़ एवं बरगद) के प्राकृतिक, वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए जल संरक्षण और वृक्ष संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को देवतुल्य माना गया है तथा वैज्ञानिक दृष्टि से भी एक वृक्ष मानव जीवन को करोड़ों रुपये के बराबर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ प्रदान करता है। उन्होंने हरियाली तीज, गुरु पूर्णिमा जैसे पर्वों पर वृक्षारोपण की परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।







