मुरादाबाद मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी की अध्यक्षता में जनपद में संचालित पूर्वदशम एवं दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, कुलसचिव (टीएमयू) और शिक्षा विभाग के अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने पूर्वदशम (कक्षा 9-10) छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा के दौरान बताया कि जनपद के 125 विद्यालयों में से 95 विद्यालयों द्वारा अपने संस्थान का प्रोफाइल लॉक कर दिया गया है, जबकि प्रोफाइल लॉक करने की अंतिम तिथि 05 अगस्त 2026 निर्धारित है। मुख्य विकास अधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देशित किया कि शेष विद्यालयों का प्रोफाइल निर्धारित समय सीमा में अनिवार्य रूप से लॉक कराया जाए। यदि किसी विद्यालय को तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ रहा हो तो समाज कल्याण विभाग एवं शिक्षा विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा में बताया गया कि जनपद की 192 शिक्षण संस्थाओं में से अब तक केवल 10 संस्थाओं द्वारा मास्टर डाटा लॉक किया गया है। उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए मास्टर डाटा लॉक करने की अंतिम तिथि 15 अगस्त 2026 निर्धारित है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी एवं उपकुलसचिव, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद को निर्देशित किया कि संबंधित सभी शिक्षण संस्थानों से समन्वय स्थापित कर निर्धारित समयावधि में मास्टर डाटा लॉक कराना सुनिश्चित किया जाए।मुख्य विकास अधिकारी ने जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी एवं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को शासन द्वारा निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार समस्त कार्यवाही पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थानों से मास्टर डाटा, छात्रों के आवेदन पत्रों का सत्यापन तथा अन्य समस्त प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कराई जाएं, ताकि पात्र छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ बिना किसी विलंब के प्राप्त हो सके।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय समन्वय के साथ योजनाओं के प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा किसी भी स्तर पर लंबित प्रकरणों का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे शासन की प्राथमिकता वाली छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं का लाभ अधिकतम पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंच सके।


