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ऋण योजनाओं में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने जताई नाराजगी…

ByAajkijankirti

Sep 2, 2026

मुरादाबाद जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया की अध्यक्षता में ऋण योजनाओं एवं बैंकिंग कार्यों की कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में ऋण वितरण की प्रगति अपेक्षित स्तर पर न पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित बैंक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की 12 शाखाओं द्वारा इस वित्त वर्ष में कोई भी ऋण वितरित न किए जाने पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि इन सभी शाखाओं के संबंधित अधिकारी ऋण आवेदनों तथा ऋण वितरण न किए जाने के कारणों की विस्तृत जानकारी के साथ बृहस्पतिवार को प्रातः 10 बजे कलेक्ट्रेट कार्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों।मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा के दौरान उपायुक्त उद्योग ने बताया कि पूरे वर्ष के लिए 2700 का लक्ष्य निर्धारित है। लक्ष्य के अनुसार अब तक लगभग 30 प्रतिशत प्रगति होनी चाहिए थी, जबकि वर्तमान में मात्र 26 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हुआ है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं बैंक प्रतिनिधियों को लक्ष्य के अनुरूप ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी ऋण योजनाओं के माध्यम से अनेक आवेदक ऋण प्राप्त कर अपना रोजगार स्थापित करना अथवा निर्धारित लक्षित गतिविधियां संचालित करना चाहते हैं। ऐसे पात्र आवेदकों के ऋण आवेदन अस्वीकृत किए जाने की स्थिति में आवेदन निरस्त करने का स्पष्ट एवं ठोस कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा। उन्होंने कहा कि मनमाने ढंग से ऋण आवेदन निरस्त करने की परंपरा पर प्रभावी रोक लगाने के लिए यह आवश्यक है।उन्होंने माननीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से साप्ताहिक ऋण वितरण कैंप आयोजित कराने के भी निर्देश दिए, ताकि पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने में अनावश्यक विलंब न हो।जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि-संपत्तियों को बंधक रखकर ऋण दिए जाने से पूर्व संबंधित तहसील से अनिवार्य रूप से रिपोर्ट प्राप्त की जाए। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) को भी निर्देश दिए कि बैंक द्वारा किसी आवेदक को ऋण दिए जाने से पूर्व भू-संपत्ति के संबंध में रिपोर्ट मांगे जाने पर एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से रिपोर्ट उपलब्ध कराएं, ताकि ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब न हो।उन्होंने आरसेटी (RSETI) की प्रगति की समीक्षा के दौरान कहा कि भविष्य में आयोजित होने वाले विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों का शुभारंभ भी माननीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराने के निर्देश दिए।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगीता गौतम, उपायुक्त उद्योग दीपेंद्र कुमार सहित विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी एवं बैंकों से संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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