मुरादाबाद मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह ने कलेक्ट्रेट का वार्षिक निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी अनुज सिंह के साथ कलेक्ट्रेट परिसर में स्थापित विभिन्न पटलों के माध्यम से संचालित होने वाले शासकीय कार्यों की प्रगति और अभिलेखों के रखरखाव का जायजा लिया और संबंधित प्रभारी अधिकारी एवं पटल सहायकों को जरूरी निर्देश दिए।
इन्होंने स्थानीय निकाय, वाद, जन सूचना, परिवाद, अपर जिलाधिकारी प्रशासन न्यायालय, मानव संपदा, राजस्व अभिलेखागार, जिला भूलेख कार्यालय, नगर भूमि सीमारोपण कार्यालय, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी कार्यालय, शस्त्र अनुभाग आदि का अत्यंत गहनतापूर्वक निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप आमजन को बेहतर सेवाएं और सुविधाएं प्राप्त हों तथा अभिलेखों का बेहतर तरीके से रखरखाव होना चाहिए।
उन्होंने फार्मर रजिस्ट्री के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
निरीक्षण के उपरांत कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान मंडलायुक्त ने धारा-145 के अंतर्गत वादों का निस्तारण समय सीमा बीत जाने के बाद भी न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उपजिलाधिकारियों को तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए। ए.आई.जी. स्टाम्प कार्यालय में तीन वर्ष से अधिक अवधि के 06 मामलें पेन्डिंग होने पर उन्होंने एआईजी स्टाम्प को कोर्ट में बेहतर तरीके से कार्य करने और मामलों को समय से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उपजिलाधिकारी कार्यालयों में 10521 पत्रावलियां अभी तक दाखिल दफ्तर नहीं होने पर मण्डलायुक्त ने तहसीलदारों को तत्काल पत्रावलियां दाखिल दफ्तर करने के निर्देश दिए। उन्होंने उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्विवाद विरासत के मामलों को चैक करते रहें, लेखपाल द्वारा खतौनियों में गलत अंश निर्धारण करने तथा डाटा का गलत विभाजन करने पर उन्होंने उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे लेखपालों पर सतत निगरानी रखें और उन पर अंकुश लगाना उनका दायित्व है तथा ऐसे लेखपालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाये। कानूनगों की कार्यप्रणाली पर भी नजर रखें।
पूर्व पट्टा आवंटन की बकाया धनराशि जमा नहीं करने और पुनः उसी को पट्टा आवंटन करने पर आयुक्त ने नाराजगी व्यक्त की।
आयुक्त ने कहा कि ऐसे डिफाल्टरों का नवीनीकरण किया जा रहा है जो कि अनुचित है। आयुक्त ने कहा कि पत्रावलियों का मजिस्ट्रेट स्वयं भी गहनतापूर्वक निरीक्षण करें। जाति, आय प्रमाण-पत्रों को निर्धारित समय सीमा में जारी करते रहें। उन्होंने कहा कि कृषक दुघर्टना बीमा के प्रकरण एसडीएम स्तर पर पेन्डिंग न रहें, अधिकारी शासन की मंशा के अनुरुप जनता के प्रति संवेदनशील होकर कार्य करें। उन्होंने एडीएम वित्त को भी वाद निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी अनुज सिंह, अपर आयुक्त अरुण कुमार सिंह, डिप्टी कमिश्नर गजेन्द्र प्रताप सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगीता गौतम, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ममता मालवीय, अपर जिलाधिकारी नगर ज्योति सिंह समस्त उपजिलाधिकारीगण, तहसीलदार आदि उपस्थित रहें।





