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कान्हा गौशाला नगर निगम मुरादाबाद का निरीक्षण …

ByShaziya Ansari (Editor)

May 12, 2026

मुरादाबाद जनपदीय नोडल अधिकारी डा० प्रमोद कुमार सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी उ०प्र० पशुधन विकास परिषद लखनऊ अपर निदेशक ग्रेड-2 एवं मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी के साथ विकास खण्ड मुरादाबाद में कान्हा गौशाला नगर निगम मुरादाबाद का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के पशुधन प्रसार अधिकारी एवं गौशाला पर कार्यरत केयर टेकर उपस्थित रहे। निरीक्षण के समय गौशाला पर 882 जिसे गोवंश संरक्षित किये गये हैं। गौशाला पर भूसा एवं हरा चारा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध पाया गया। गौवंशों को नियमित रूप से 500 ग्राम दाना प्रतिदिन दिया जा रहा है,जिसे क्रय कर खिलाया जाता है। गौशाला में नवाचार हेतु गोबर से गौ काष्ट, मूर्तिया एवं गोबर के लटठ्ठे बनाए जाते है, जिसका उपयोग पूजा सामग्री में प्रयोग किया जाता है। गोबर गैस प्लांट के उपयोग से उत्पन्न बिजली के द्वारा गौशाला में सभी उपकरण एवं विद्युत आपूर्ति की जाती है। गौशाला में गोबर से खाद बनायी जाती है। गोवंशों को दिन में 02 से 03 बार स्वच्छ ताजा पानी पिलाया जाता है। वृहद गो संरक्षण केन्द्र फाजलपुर निरीक्षण के समय गौ आश्रय स्थलों पर सम्बन्धित पशुचिकित्सा अधिकारी, ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव, पशुधन प्रसार अधिकारी के साथ-साथ गौशाला पर कार्यरत केयर टेकर उपस्थित रहे। निरीक्षण के समय गौशाला पर 189 गोवंश संरक्षित किये गये है। गौशाला पर भूसा, हरा चारा एवं कपिला पशुआहार प्रचुर मात्रा में उपलब्ध पाया गया। गौवंशों को नियमित रूप से 500 ग्राम दाना प्रतिदिन दिया जा रहा है। गौ आश्रय स्थल से लिंक 03 हे० भूमि पर गोवंशों को खिलाये जाने हेतु हरा चारा बोया गया है। गौ आश्रय स्थल पर 04 फिट ऊचें प्लेटफार्म का निर्माण किया जा रहा है, जो बरसात में पानी आने के उपरान्त गोवंशों को उस पर रखा जाये। उपलब्ध गोवंशों का स्वास्थ्य सन्तोष जनक पाया गया। गौशाला में संरक्षित गोवंशों को लू से बचाने के लिए शेडों के चारों तरफ जूट के पर्दे लगाये गये है, जिनकों हर 02 घण्टें बाद पानी से भिगोया जाता है। इसके बाद आयुक्त की अध्यक्षता और जनपदीय नोडल अधिकारी की उपस्थिति में आयुक्त सभागार में बैठक आहूत की गयी जिसमें अपर निदेशक ग्रेड-2 एवं मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर, सम्भल, अमरोहा / उपमुख्य / पशुचिकित्सा अधिकारी / मुख्य विकास अधिकारी/उप निदेशक, पंचायत, डीपीआरओ/ समस्त खण्ड विकास अधिकारी / अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत / राजस्व विभाग से सम्बन्धित अधिकारी मुरादाबाद के साथ बैठक आहूत की गयी। गौ आश्रय स्थल से सम्बन्धित सभी बिन्दुओं की गहन समीक्षा आयुक्त द्वारा की गयी तथा सभी विभागो को गौ आश्रय स्थलों से सम्बन्धित कार्यों को पूर्ण निष्ठा एवं सतर्कता के साथ समयबद्ध तरीके से करने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि वायो गैस प्लांट व वर्मी कम्पोस्ट प्राथमिकता में रहे, साथ ही गौ आश्रय स्थलों में नवाचार की प्रक्रिया को बढावा दिया जायें। कान्हा गौशाला बिलारी जनपदीय नोडल अधिकारी मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी मुरादाबाद एवं सम्बन्धित पशुचिकित्सा अधिकारी के साथ विकास खण्ड, बिलारी में स्थित कान्हा गौशाला बिलारी में 140 गोवंश संरक्षित पाये गये। गौशाला पर भूसा एवं हरा चारा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध पाया गया। गौवंशों को नियमित रूप से 500 ग्राम दाना प्रतिदिन दिया जा रहा है। उपलब्ध गोवंशों का स्वास्थ्य सन्तोष जनक पाया गया। गौशाला में संरक्षित गोवंशों को लू से बचाने के लिए शेडों के चारों तरफ जूट के पर्दे लगाये गये है, जिनकों हर 02 घण्टें बाद पानी से भिगोया जाता है। अस्थाई गौ आश्रय स्थल चंगेरी निरीक्षण के समय सम्बन्धित उपमुख्य / पशुचिकित्सा अधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी एवं गौशाला पर कार्यरत केयर टेकर उपस्थित रहे। निरीक्षण के समय अस्थाई गौ आश्रय स्थल चंगेरी 406 गोवंश संरक्षित पाये गये। गौशाला पर भूसा एवं हरा चारा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध पाया गया। गौवंशों को नियमित रूप से 500 ग्राम दाना प्रतिदिन दिया जा रहा है। उपलब्ध गोवंशों का स्वास्थ्य सन्तोष जनक पाया गया। गौशाला में संरक्षित गोवंशों को लू से बचाने के लिए शेडों के चारों तरफ जूट के पर्दे लगाये गये है, जिनकों हर 02 घण्टें बाद पानी से भिगोया जाता है।वृहद गौ संरक्षण केन्द्र हाजीपुर- निरीक्षण के समय सम्बन्धित उपमुख्य / पशुचिकित्सा अधिकारी एवं पशुधन प्रसार अधिकारी एवं गौशाला पर कार्यरत केयर टेकर उपस्थित रहे। निरीक्षण के समय वृहद गौ संरक्षण केन्द्र हाजीपुर 340 गोवंश संरक्षित पाये गये। गौशाला पर भूसा एवं हरा चारा प्रचुर मात्रा में उपलब्ध पाया गया। गौवंशों को नियमित रूप से 500 ग्राम दाना प्रतिदिन दिया जा रहा है। उपलब्ध गोवंशों का स्वास्थ्य सन्तोष जनक पाया गया। गौशाला में संरक्षित गोवंशों को लू से बचाने के लिए शेडों के चारों तरफ जूट के पर्दे लगाये गये है, जिनको हर 02 घण्टें बाद पानी से भिगोया जाता है।

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