उत्तर प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय मंडलीय जिला (पुरुष) चिकित्सालय का निरीक्षण किया।इस दौरान उपमुख्यमंत्री इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड और आईसीयू में भर्ती मरीजों के पास पहुंचे और उनके स्वास्थ्य के बारे में जाना साथ ही उनके तीमारदारों से भी चिकित्सालय में प्रदान किए जा रहे उपचार के बारे में बातचीत की।इसके बाद उन्होंने सर्किट हाउस सभागार में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ शैफाली सिंह, मुरादाबाद नगर विधायक रितेश गुप्ता, एमएलसी गोपाल अंजान और महापौर विनोद अग्रवाल की मौजूदगी में जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल और सीडीओ मृणाली अविनाश जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की।इस दौरान उन्होंने सबसे पहले स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि दैनिक ओपीडी बढ़ाई जाए साथ ही जन प्रतिनिधियों के साथ विचार विमर्श करके जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में जरूरी कदम उठाए जाएं।जनपद में संचालित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित तौर पर भ्रमण किया जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक यह सुनिश्चित करें कि आमजन को उत्कृष्ट स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही न होने पाए।उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि कोई भी फर्जी अस्पताल संचालित नहीं होना चाहिए, जिसके नाम से लाइसेंस निर्गत किया गया है वही अस्पताल संचालित करें। यदि जिले में अवैध अस्पताल संचालित होते हैं तो इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी की जिम्मेदारी तय होगी। उन्होंने दवाइयों की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी ली साथ ही जिला चिकित्सालय की मेंटेनेंस और उपलब्ध धनराशि की स्थिति के बारे में भी पूछा। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से मेंटेनेंस के लिए भेजी गई धनराशि से चिकित्सालय की वायरिंग दुरुस्त कराएं, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि पूरे चिकित्सालय परिसर में कहीं भी फर्श टूटी न हो और मरीज के साथ आने वाले तीमारदारों के बैठने की भी उचित व्यवस्था होनी चाहिए।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध जेनरेटरों के संचालन के बारे में भी उन्होंने पूछा और कहा कि जिला चिकित्सालय के साथ-साथ सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि निष्प्रयोग्य हो चुकी एंबुलेंस को हटाया जाए साथ ही जनपद में 102 और 108 एंबुलेंस सेवा की मॉनिटरिंग की जाए ताकि मरीजों को इस सुविधा का निर्धारित समय में लाभ मिल सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि एंबुलेंस सेवा 102 की 24 तथा एंबुलेंस सेवा 108 के 20 एंबुलेंस और 05 एएलएस एंबुलेंस जिले में उपलब्ध हैं।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टरों का व्यवहार अच्छा होना चाहिए। संसाधनों की कोई कमी न हो और यदि किसी स्तर पर संसाधन अथवा बजट की वजह से स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने में समस्या उत्पन्न हो रही हो तो तत्काल शासन को पत्र भेज कर मांग अवश्य कर लें।हीट वेव को लेकर भी उन्होंने कहा कि पूरे जिले में बेड आरक्षित किए जाएं साथ ही आमजन को हीट वेव से बचाव और सुरक्षा के लिए जागरूक भी किया जाए।उन्होंने जनपद में आरोग्य मंदिरों के संचालन के बारे में मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जानकारी ली और कहा कि कोई भी आरोग्य मंदिर बंद नहीं होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने डिलारी के सैंडोरा में आयुष्मान आरोग्य मंदिर के संचालन के बारे में फोन के माध्यम से पुष्टि भी की।लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत जनपद में मार्गों की स्थिति के बारे में उन्होंने संबंधित अधिशासी अभियंता से जानकारी ली। विद्युत विभाग के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के अधीक्षण अभियंताओं से उन्होंने विद्युत केंद्रों की संख्या और जनपद में विद्युत मांग के सापेक्ष आपूर्ति के बारे में जानकारी ली और कहा कि गर्मी के दौरान आम जन को विद्युत बाधित होने की वजह से समस्या का सामना न करना पड़े यह सुनिश्चित करना विद्युत विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी है।अनावश्यक विद्युत कटौती न होने पाए, इसके लिए उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी समय-समय पर समीक्षा करते रहें। जल जीवन मिशन ग्रामीण की समीक्षा के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिन गांवों में पाइपलाइन डाल दी गई है वहां अनिवार्य रूप से पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए ताकि गर्मी के दौरान आमजन को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े।जनपद में संचालित परिषदीय विद्यालयों में कुल बच्चों की संख्या और मिशन कायाकल्प के अंतर्गत विद्यालयों की भौतिक स्थिति के बारे में उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से जानकारी ली।जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष सितंबर तक 1.57 लाख बच्चे थे और इस वर्ष अब तक 1.60 लाख बच्चे हैं, जिस पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक बच्चों का नामांकन होना चाहिए इसके लिए विभागीय स्तर पर मेहनत करने की आवश्यकता है। माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत उन्होंने जनपद में संचालित राजकीय एवं सहायता प्राप्त इंटर कॉलेज की संख्या के बारे में जिला विद्यालय निरीक्षक से पूछा और कहा कि विद्यालयों के जर्जर भवनों को भी दुरुस्त कराने की दिशा में जरूरी कदम उठाए जाएं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यालयों में खेल गतिविधियों को गंभीरता पूर्वक लागू किया जाए ताकि बच्चों में खेलकूद की आदत विकसित हो और इसके लिए स्पोर्ट टीचर की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।एक जनपद-एक उत्पाद के बारे में समीक्षा के द्वारा उन्होंने उपायुक्त उद्योग से कहा कि जनपद में उद्योग प्रोत्साहन को लेकर विभाग द्वारा हर संभव कदम उठाए जाएं।उन्होंने नगर निगम द्वारा मुरादाबाद शहर के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों को लेकर भी जानकारी ली और कहा कि निःसंदेह नगर निगम द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य किए जा रहे हैं परंतु निगम को अपनी आय में और अधिक बढ़ोतरी करने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि छुट्टा पशुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए और जनपद में संचालित गौशालाओं में संरक्षित गोवंश के लिए हरा चारा, भूसा, पेयजल सहित सभी जरूरी प्रबंध अनिवार्य रूप से होने चाहिए। मुरादाबाद शहर स्थित नवीन मंडी परिसर में साफ सफाई और व्यापारियों व आमजन की सुविधा के दृष्टिगत जरूरी संसाधनों का प्रबंध करने के संबंध में उन्होंने मंडी सचिव को निर्देश दिए। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह और एडीएम प्रशासन संगीता गौतम सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी गण मौजूद रहे।











