मुरादाबाद। शहर स्थित पंचायत भवन परिसर में 12 से 16 अक्टूबर 2026 तक आयोजित मंडलीय सरस मेले का जिलाधिकारी अनुनय झा और मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी ने भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों पर पहुंचकर स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों की बारीकियों और विशेषताओं की जानकारी ली।
भ्रमण के दौरान डीसी स्वतः रोजगार आरपी भगत ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को प्रत्येक स्टॉल पर उपलब्ध उत्पादों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मंडलीय सरस मेले में मंडल के 40 विकासखंडों के 80 से अधिक स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पाद 40 स्टॉलों के माध्यम से प्रदर्शित और बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।
पांच जिलों के स्वयं सहायता समूहों ने लगाए स्टॉल
डीसी स्वतः रोजगार आरपी भगत के अनुसार, मेले में बिजनौर के 11, मुरादाबाद के 9, सम्भल के 6, रामपुर के 6 और अमरोहा के 8 स्टॉल लगाए गए हैं। इन स्टॉलों पर स्थानीय स्तर पर तैयार खाद्य पदार्थों, घरेलू उपयोग की वस्तुओं, हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है।
बिजनौर के स्टॉलों पर मल्टीग्रेन आटा, चिप्स, अचार, मिलेट्स उत्पाद, दीपावली की सजावट का सामान, सरसों का तेल, गुड़, गन्ने का सिरका, दरी और चादर सहित कई घरेलू उत्पाद उपलब्ध हैं। वहीं, मुरादाबाद के स्वयं सहायता समूहों ने जूट उत्पाद, गोबर से बने उत्पाद, पूजन सामग्री, पापड़, कैंडी, चक्की में पिसे मसाले, पायदान, भेलपुरी और हैंडलूम उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं।
स्थानीय उत्पादों को मिल रहा बाजार
सम्भल के स्टॉलों पर रामदाना, पीली सरसों का तेल, मसाले, हींग, बरी और पापड़ उपलब्ध हैं। रामपुर के स्वयं सहायता समूहों ने गुलदस्ते, मिलेट्स उत्पाद और सौंदर्य प्रसाधन से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। इसी प्रकार अमरोहा के स्टॉलों पर अचार, पापड़, सिमरानी कप और जूट बैग सहित विभिन्न उत्पाद उपलब्ध कराए गए हैं।
मंडलीय सरस मेले के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री का अवसर मिल रहा है। इससे समूहों द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और उनकी पहचान बढ़ाने में मदद मिल रही है।





