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इतिहास में विश्वास का पहला कदम जहाँ महिला नक्सली ने हॉक फोर्स पर विश्वास कर बंदूक को त्याग कर सामाजिक जीवन जीने का निर्णय लिया।

बालाघाट पुलिस के इतिहास में विश्वास का पहला कदम जहाँ महिला नक्सली ने हॉक फोर्स पर विश्वास कर बंदूक को त्याग कर सामाजिक जीवन जीने का निर्णय लिया।
बीती रात चौरिया कैम्प में AC रूपेंद्र धुर्वे के समक्ष आकर समर्पण करने की मंशा जाहिर की थी। एक सपने जैसा है कि जिसके लिए हमारी फोर्स जंगल में कैम्प डाले हो और वो फोर्स के दरवाजे पर आकर बोले कि मुझे मुख्य धारा में आना है। बालाघाट आईजी श

संजय सिंह, DiG श्री विनीत जैन, एसपी बालाघाट आई जी आदित्य मिश्रा , सीओ हॉक शियाज़ केएम उपस्थित रहे

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